क्या वीर्यपान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है?

वीर्यपान

Virya
वीर्य एक जैविक तरल पदार्थ है, जिसे बीजीय या वीर्य तरल भी कहते हैं, जिसमे सामान्यतः शुक्राणु (स्पर्म) होते हैं। यह जननग्रन्थि (यौन ग्रंथियां) तथा नर या उभयलिंगी प्राणियों के अन्य अंगों द्वारा स्रावित होता है और मादा अंडाणु को निषेचित कर सकता है। इंसानों में, शुक्राणुओं के अलावा बीजीय तरल में अनेक घटक होते हैं: बीजीय तरल के प्रोटियोलिटिक और अन्य एंजाइमों के साथ-साथ फलशर्करा तत्व शुक्राणुओं के अस्तित्व की रक्षा करते हैं और उन्हें एक ऐसा माध्यम प्रदान करते हैं जहां वे चल-फिर सकें या "तैर" सकें. वो प्रक्रिया जिसके परिणामस्वरूप वीर्य का प्रवाह होता है उसे स्खलन कहा जाता है।

वीर्य प्रकृति की अनुपम धरोहर है जिसे मानव को प्रकृति ने दिया है। यह मानव जीवन का मूल आधार है। मानव शरीर में इसका कार्य प्राणवायु की तरह है। यह प्रकृति द्वारा मानव को दिया गया वरदान है।

प्राचीन काल से लेकर आज तक विभिन्न ऋषियों, मुनियों और ज्ञानियों ने इसकी महत्ता का वर्णन किया है। वीर्य प्रकृति की अनुपम धरोहर है जिसे मानव को प्रकृति ने दिया है। यह मानव जीवन का मूल आधार है।

मानव शरीर में इसका कार्य प्राणवायु की तरह है।

यह प्रकृति द्वारा मानव को दिया गया वरदान है।

प्राचीन काल से लेकर आज तक विभिन्न ऋषियों, मुनियों और ज्ञानियों ने इसकी महत्ता का वर्णन किया है।

कामोद्दीपक संतुष्टि तथा शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ, मनुष् चरमसुख के दौरान शिश्न चूषण या लिंग चूषण के समय वीर्य निगल लेना सबसे आम तरीका है।

एक सेहतमंद व्यक्ति के वीर्य अंतर्ग्रहण में कोई खतरा नहीं है। शिश्न चूषण में अन्तर्निहित के अलावा वीर्य निगलने में कोई अतिरिक्त खतरा नहीं है। शिश्न चूषण से एचआईवी या दाद, जैसे यौन संक्रमित रोग हो सकते हैं, खासकर उन्हें जिनके मसूड़ों से खून आता है, मसूड़ों में सूजन हो या खुले घाव हों।

शोध में कहा गया हैं कि ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) से संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित मुख मैथुन करने पर मुंह या गले के कैंसर का खतरा हो सकता है। अध्ययन में पाया गया कि 36 प्रतिशत कैंसर के मरीज की तुलना में केवल 1 प्रतिशत स्वस्थ नियंत्रण समूह को एचपीवी था। माना जाता है कि ऐसा होने के पीछे कारण एचपीवी के संक्रमण है क्योंकि यह वायरस ज्यादातर गले के कैंसर के मामले में पाया गया है।
वीर्य-से-क्या-क्या-हो-सकता-है

वीर्यपान से निम्न फायदे हो सकतें हैं-

  1. अच्छी नींद
  2. चिंता का कम होना
  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना
  4. मानसिक सतर्कता
वीर्य से क्या क्या हो सकता है?
वीर्य - सुनने में किसी जादुई औषधि से कम नहीं लगता, हैं ना? देखा जाए तो कुछ मायनों में, है भी। यह सिर्फ़ पुरुषों के पास होता है और इसके बिना बच्चे नहीं पैदा किये जा सकतेI तो यह किस्से बना होता है? क्या इसे निगलना ठीक है? जानिये यह सब और बहुत कुछ हमारे आज के इस लेख मेंI
  1. यह ;किस ;काम ;आता ;है?
    इसमें कोई शक नहीं कि इसका मुख्य कार्य तो बच्चे पैदा करना ही हैI जब आप कंडोम के बिना ;योनि सेक्स ;करते हैं तो वीर्य में मौजूद छोटे-छोटे शुक्राणु (पुरुष प्रजनन कोशिकाएं) पिचकारी की फुहार की तरह योनि के अंदर पहुँच जाते हैंI वहां से वे गर्भाशय के माध्यम से फैलोपियन ट्यूब (डिम्बवाही नली) तक पहुँच जाते हैंI यह शुक्राणु महिला योनि के अंदर उन अंडो की तलाश में होते हैं जिन्हें वे उर्वर बना सकेंI अगर एक छोटे से छोटा शुक्राणु भी अंदर घुसकर अंडे को ढूंढ निकालता है तो भी उससे बच्चा हो सकता हैI

    वीर्य का उत्पादन ;अंडकोष ;में नहीं बल्कि पुरुष के अंदर मौजूद श्रोणि ग्रंथियों में होता है- अधिकतर कार्य उपजाऊ पुटिकाएं करती हैं, लेकिन इस मिश्रण में पुरस्थ ग्रंथि और बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियों (कूपर ग्रन्थयाँ- दो छोटी ग्रन्थियाँ जिसमें से एक-एक प्रोटेस्ट ग्रन्थि के दोनों ओर स्थित होती है) से निकला हुआ द्रव्य भी मिलता हैI देखा जाये तो अंडकोष सिर्फ़ भार बढ़ाने में अपना योगदान देता है क्योंकि शुक्राणु कुल सामग्री का केवल एक छोटा हिस्सा बनाता है।
    जब एक पुरुष को ओर्गास्म होता है ;तो उसकी प्रजनन प्रणाली की ट्यूब से होते हुए उसके ;लिंग ;में में से वीर्य की करीब पांच से दस फुहारें निकालती हैंI कुछ पुरुषों में यह एक झरने की तरह बाहर आता है तो कुछेक में बूँद-बूँद टपकता हैI लेकिन ;एक महिला के गर्भवती होने ;या ना होने से इस बात का कोई सम्बन्ध नहीं है कि लिंग में से वीर्य किस तरह से बाहर आया हैI

    कभी कभी नींद में ही पुरुषों का लिंग स्खलित हो जता है - इसे स्वप्नदोष कहते हैंI कुछ पुरुषों को बिना वीर्य के निकले भी ओर्गास्म का एहसास हो जाता हैI
  2. क्या ;होता ;है ;इसके ;अंदर?
    चलिए शुरुआत इस बात से करते हैं कि यह दिखने में कैसा होता है- यह एक सफेद, भूरे या पीले रंग का तरल पदार्थ होता है जो जेली जैसा होता हैI यह गाढ़ा या पतला हो सकता है लेकिन इस बात का इसकी प्रजनन क्षमता से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि वो कई और चीज़ों पर निर्भर करती है जैसे आपका खान-पान, व्यायाम और यहां तक कि आप किस तरह के कपड़े पहनते हैं! अगर आपका वीर्य रंग में लाल या गुलाबी लग रहा है, तो हो सकता है कि आपके वीर्य में रक्त मिश्रित हो रहा होI इसलिए परामर्श के लिए आपको अपने डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिएI

    शुक्राणुओं के अलावा वीर्य में और भी सामग्री मौजूद होती हैI अच्छी मात्रा में प्रोटीन होने के साथ-साथ इसमें फ्रुक्टोज, क्रिएटिन, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन बी 12, जस्ता और यहां तक कि क्लोरीन भी शामिल है। क्योंकि ;योनि ;के अंदर वातावरण अम्लीय होता है इसलिए वीर्य प्राकृतिक रूप से क्षारीय होता है जिससे शुक्राणु ना घिसेI
  3. मात्रा ;और ;गुणवत्ता
    औसतन एक पुरुष स्खलन के समय 2-5 मिलीलीटर वीर्य का उत्पादन का उत्पादन करता हैI 5 मिलीलीटर का मतलब हो गया एक चाय का चम्मच भर। अगर आपने लंबे समय से स्खलन नहीं किया है तो उसकी मात्रा अधिक हो सकती है लेकिन अगर आप नियमित रूप से स्खलन कर रहे हैं तो शायद एक बार में इतनी अधिक मात्रा ना निकलेंI चिंता तभी करें जब इसकी मात्रा 1.5 मिलीलीटर से कम या 5.5 मिलीलीटर से ज़्यादा होI

    स्खलन के समय कितने शुक्राणु बाहर आते हैं? बहुत ज़्यादा! विश्‍व स्वास्थ्‍य संगटन के अनुसार उपयोगी होने के लिए लगभग 40 लाख शुक्राणुओं की जरूरत होती हैI लेकिन एक बार में दो से तीन करोड़ शुक्राणुओं का बाहर आना भी सामान्य है! अगर आपके पास पर्याप्त शुक्राणु हों तो भी प्रजनन के लिए उनका पूर्ण रूप से विकसित होना और अच्छा तैराक होना ज़रूरी है - यह भी सामान्य बात है कि स्खलन के समय लगभग 25 प्रतिशत शुक्राणु मरे हुए होते हैंI

    कुछ लोगों को लगता है कि स्खलन करने से आप में कमज़ोरी आती है इसलिए शुक्राणुओं को बचा कर रखना चाहिएI लेकिन, यह एक बहुत बड़ा मिथक हैI हो सकता है कि स्खलन के बाद आपको सुस्ती आ जाये और आपके टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी हो लेकिन थोड़ी देर के बाद सब सामान्य हो जाता हैI अगर आप चाहते हैं कि आपका वीर्य प्रजनन के लिए हमेशा अच्छी हालत में हो तो उसका नियमित स्खलन ज़रूरी हैI
    गर्भधारणकैसेकरें: ;महिलाओंऔरपुरुष, दोनोंकेलिएकुछसुझावI
  4. खतरनाक ;रोग
    अपने अंदर मौजूद इन सभी गुणों और जीवन देने की क्षमताओं के बावजूद वीर्य के द्वारा ;एचआईवी / एड्स, ;क्लैमाइडिया, ;सूजाक, ;दाद, ;जेनिटल वार्ट्स ;(जननांग मस्से) और ;उपदंश ;जैसे कई ;यौन रोगों ;का संचार भी होता हैI एसटीडी या यौन संक्रामक रोग केवल योनि संभोग के माध्यम से ही नहीं बल्कि मुख मैथुन और गुदा मैथुन से भी फैल सकते हैंI और हाँ, सेक्स के बाद नहाने से भी आप यौन संक्रमण से बच नहीं पाएंगेI

    अगर आप यह निश्चित करना चाहते हैं कि आपको कभी भी कोई भी यौन संक्रमण ना हो तो उसका केवल एक ही रास्ता है- कि आप कभी भी सेक्स ना करेंI डरावना लगता है, है ना? लेकिन इसका एक बेहतर उपाय भी है - कि आप गर्भनिरोधकों का, जैसे ;कंडोम, का हमेशा प्रयोग करेंI
  5. स्वादिष्ट ;और ;पौष्टिक
    क्या वीर्य को निगला जा सकता है? जी हां बिल्कुल। यह तो निश्चित है कि इससे आपका वज़न नहीं बढ़ेगाI बल्कि यह तो प्रोटीन और विटामिन से भरा होता है तो इससे आप स्वस्थ ही होंगे! अब आप इसको निगलने के लिए तैयार हैं या नहीं यह एक अलग मामला है - और इसका निर्णय आपको लेना हैI

    लेकिन अगर आप पुरुष हैं और चाहते हैं कि आपका वीर्य स्वादिष्ट हो जाए तो वो भी संभव हैI है ना मज़ेदार बात! आपके वीर्य का मीठा या खट्टा होना इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने क्या खाया है और कहीं आपने मदिरापान या धूम्रपान तो नहीं किया हैI अगर आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपका वीर्य स्वादिष्ट रहे तो एक स्वस्थ जीवन शैली और खान पान का पालन करेंI कुछ अध्ययनों से यह भी संकेत मिले हैं कि अनानास खाने से वीर्य का स्वाद मीठा होता हैI

वीर्य के फायदे

आप जानते हैं कि वीर्य प्रजनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का एक मात्र विकल्‍प होता है। इसलिए यह मानव समाज के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। लेकिन क्या वीर्य का सेवन आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें कुछ विरोधाभास भी है लेकिन इसमें उपस्थिति हार्मोन और पोषक तत्‍वों के कारण यह मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं वीर्य के फायदे क्‍या हैं।

जानकारों का कहना है कि जब महिलाओं को कामोत्तेजना (orgasm) होती है तो लव हार्मोन ऑक्‍सीटॉसिन का स्राव करते है जिससे महिलाओं के मूड को ऊपर उठाने में मदद मिलती है। कुछ सेक्‍सोलॉजिस्‍ट कहते हैं कि पुरुषों के लिए तृप्ति अवसाद को कम कर सकती है क्‍योंकि जिस समय व्‍यक्ति स्‍खलित होता है उसे जबरदस्‍त खुशी मिलती है जो सभी चिंताओं और समस्‍याओं से छुटाकारा दिलाने में मदद करती है। ओरल सेक्स के दौरान वीर्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

अध्‍ययनों से पता चलता है कि जब कोई महिला वीर्यपान करती है या सेक्‍स के दौरान वीर्य उनकी योनि से होता हुआ रक्‍त प्रवाह में मिलता है तो इससे बेहतर नींद प्राप्‍त करने में मदद मिलती है क्‍योंकि इसमें रासायनिक मेलाटोनिन (chemical melatonin) होता है। शरीर में मेलाटोनिन की उपस्थिति के कारण यह व्‍यक्ति को आराम दिलाने और अच्‍छी नींद लाने में मदद करता हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि वीर्य निगलने से अच्‍छी नींद प्राप्‍त नहीं होती है बल्कि संभोग के दौरान सिर्फ संतुष्टि ही प्राप्‍त होती है और कुछ नहीं। लेकिन जब संभोग संतुष्टि प्राप्‍त होती है तो इस दौरान शरीर में ऑक्‍सीटॉसिन हार्मोन उत्‍पन्‍न होता है जिससे शरीर में दर्द उत्‍तेजना कम होती है और शरीर को आराम मिलता है। इस कारण आपको अच्‍छी नींद प्राप्‍त होती है।

महिलाएं वीर्यपान करती हैं उनमें अन्‍य महिलाओं की अपेक्षा तनाव और अवसाद की कमी देखी गई है। क्‍योंकि वीर्य में शक्तिशाली एंटीड्रिप्रेसेंट और संज्ञानात्‍मक क्षमता को बढ़ाने वाले प्रभाव होते हैं। इसके अलावा वीर्य में ऑक्‍सीटोसिन (oxytocin), प्रोजेस्‍टेरोन, एंडोर्फिन (endorphins), प्रोलैक्टिन, टीआरएच और सेरोटोनिन (serotonin) जैसे मूड बढ़ाने वाले घटक मौजूद रहते हैं। जो महिलाएं वीर्यपान करती हैं उनका मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा होता है। जो यह दर्शाता है कि वीर्य के फायदे महिलाओं के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा है।

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि वीर्य का उपयोग आपके बालों को झड़ने से बचा सकता है। अगर अब तक आपको इसकी जानकारी नहीं थी तो जान लें। बालों के विकास के लिए वीर्य पर परिक्षण किये गए जिसमें पाया गया कि स्‍पर्मिडाइन बालों की लंबाई को प्रोत्‍साहित करने और बालों के विकास को बढ़ाने में मदद करता है। स्‍पर्मिडाइन स्‍टेम कोशिकाओं को भी बढ़ाता है जो आपके बालों के विकास में मदद करते हैं।

आप इसे सचमुच उपयोग कर सकते हैं। विदेशों में सेलिब्रिटी क्‍लाइंट को चमकदार और सुंदर बालों के लिए सैलूनों में कई तरह के वीर्य का उपयोग किया जाता है।

जानकारों के अनुसार चेहरे पर वीर्य लगाने से यह किसी एंटी-एजिंग (Anti-aging) उत्‍पाद की तरह काम करता है। परिक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि वीर्य में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद रहते हैं जो त्‍वचा की झुर्री और त्‍वचा के लचीनेपन जैसे विकारों को दूर करने में मदद करता है। चेहरे के लिए स्‍पर्म फायदेमंद होता है इसलिए इसे आजकल प्रयोगशालाओं में संश्‍लेषित (Synthesized) किया जाता है और अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियों द्वारा बेचा जा रहा है।

वीर्य का सेवन करने से यह आपकी सेक्‍स ड्राइव को बढ़ा सकता है। क्‍योंकि वीर्य में टेस्‍टोस्‍टेरोन होता है। टेस्‍टोस्‍टेरोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में कामेच्‍छा बढ़ाता है। यौन संबंध बनाने के दौरान महिला की योनि दीवारों के माध्‍यम से और यहां तक की वीर्य निगलने के माध्‍यम से टेस्‍टोस्‍टेरान (Testosterone) को अवशोषित किया जा सकता है। जो कि सेक्‍स ड्राइव को बढ़ाने में मदद करता है। इसके परिणाम अलग-अलग लोगों में भिन्न हो सकते हैं।

वीर्य में एंटी-इंफैमेटोरेटरीज और इम्‍यूनोस्‍पेप्रेसेंट्स गुण होते हैं जो महिला के शरीर में प्रवेश करने पर किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाते हैं। वीर्य का सेवन करने से तंत्रिका विकास फैक्‍टर, ऑक्‍सीटोसिन, प्रोजेस्‍टेरोन, टेस्‍टोस्‍टेरोन, कोर्टिसोल और कुछ प्रोस्‍टाग्‍लैंडिन (prostaglandins) जैसे इंफ्लेमेटरी गुण प्राप्‍त होते हैं। वीर्य आपके शरीर में मौजूद टीजीएफ-बीटा प्रोटीन की सहनशीलता को बढ़ाने में मदद करता है।

कुछ लोगों का मानना है कि चिंता का प्रमुख कारण ऑक्‍सीडेएटिव तनाव होता है जो कि ब्रेन फॉग (brain fog) और थकान आदि का कारण बनता है। लेकिन ऑक्‍सीडेटिव तनाव को कम करने के लिए वीर्य में बहुत से एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant) मौजूद होते हैं जो आसानी से चिंता और तनाव को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

क्या वीर्यपान किया जा सकता है


अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है की क्या वीर्य को निगला जा सकता है? या वीर्यपान किया जा सकता है तो इसका जवाब है जी हां। क्योकि यह प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है। यह आप पर निर्भर करता है की अब आप इसे पीने के लिए तैयार हैं या नहीं इसका निर्णय आपको या आपकी साथी को खुद लेना है।

लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका स्पर्म स्वादिष्ट हो जाए तो यह भी संभव है। क्योकि वीर्य का मीठा या खट्टा होना इस बात पर निर्भर करता है की आपने आज क्या खाया है ।

आपको बता दें की वीर्य पीने से लड़की प्रेग्नेंट नहीं होती लेकिन अगर वीर्य योनि में छोड़ा गया हो तो लड़की प्रेग्नेंट हो सकती है योनी में वीर्य छोड़ने से ही प्रेगनेंसी कि संभावना होती है ओरल सेक्स करते समय वीर्य पीने से गर्भधारण के चांस नहीं हो सकते हैं।

स्‍पर्म पीने के नुकसान -


जब वीर्य सेवन की बात आती है तो विशेष सावधानी रखने की आवश्‍यकता होती है। क्‍योंकि वीर्य में वायरस हो सकते हैं जिसका सेवन करने पर यह वीर्य सेवन करने वाले को प्रभावित कर सकता हैं। सेक्‍सोलॉजिस्‍ट बताते हैं कि मुंह की समस्‍याओं जैसे कि मसूड़ों की सूजन और उनसे खून आने की स्थिति में मौखिक सेक्‍स करने पर एसआइटी संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस बी और सी (Hepatitis B and C), हर्पीस और क्‍लैमिडिया (Chlamydia) हो सकता है।

वीर्य का सेवन करने पर किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है लेकिन कुछ लोगों का मानना है की इससे किसी प्रकार का फायदा भी नहीं होता है।

वीर्य को यदि पुरुषों के द्वारा बाहर नहीं निकाला जाता है या रोका जाता है तो इसके भी किसी प्रकार के फायदे नहीं होते हैं क्‍योंकि वीर्य की अपनी निश्चित उम्र होती है और वह स्‍वयं ही निष्क्रिय हो जाता है।

यौन साथी को लाभ या जीवन शक्ति (vitality) दिलाने के लिए वीर्य की मात्रा बहुत ही कम होती है जो कि पर्याप्‍त नहीं है।

नैदानिक पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि वीर्य में मल्‍टीविटामिन और एंटी अवसाद गुण होते हैं जो कि आपके लिए फायदेमंद होते हैं।

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